काम की भागदौड़ में न करें मानसिक सेहत को नजरअंदाज, स्ट्रेस दूर करने के अपनाएं ये उपाय
नई दिल्ली। आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में ऑफिस और घर की जिम्मेदारियों के बीच संतुलन बनाना आसान नहीं है। काम का बढ़ता दबाव, समय पर टारगेट पूरा करने की चिंता, परिवार की जिम्मेदारियां और खुद के लिए समय न निकाल पाना धीरे-धीरे तनाव यानी स्ट्रेस को बढ़ा सकता है। लगातार तनाव में रहने का असर न केवल मानसिक स्वास्थ्य, बल्कि शारीरिक सेहत पर भी पड़ता है। अच्छी बात यह है कि कुछ आसान आदतों को अपनाकर मानसिक सेहत को बेहतर बनाया जा सकता है। आइए जानते हैं ऐसे प्रभावी तरीके, जिनकी मदद से ऑफिस और घर की जिम्मेदारियों के बीच भी आप अपनी मेंटल हेल्थ का ख्याल रख सकते हैं। समय का सही प्रबंधन करें: ऑफिस और घर के कामों को एक साथ संभालने के कारण कई बार मानसिक दबाव बढ़ जाता है। ऐसे में दिनभर के जरूरी कामों की लिस्ट बनाएं और प्राथमिकता के आधार पर उन्हें पूरा करें। जरूरी काम पहले निपटाएं। एक समय में एक ही काम पर ध्यान दें। हर काम के लिए समय निर्धारित करें। गैरजरूरी कामों को टालना सीखें। इससे काम का दबाव कम होगा और आप अधिक व्यवस्थित महसूस करेंगे।
दूसरों की जिम्मेदारियां निभाने के साथ खुद की जरूरतों का ध्यान रखना भी जरूरी है। दिनभर में कम से कम 20-30 मिनट अपने लिए निकालें। इस दौरान अपनी पसंद का काम करें, जैसे किताब पढ़ना, गाना सुनना, बागवानी करना या टहलना। खुद को समय देने से मन को आराम मिलता है और मानसिक थकान कम करने में मदद मिलती है।
नियमित एक्सरसाइज करें:
शारीरिक गतिविधियां मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में मदद करती हैं। नियमित एक्सरसाइज से तनाव कम करने और मूड बेहतर बनाने में मदद मिल सकती है।
रोजाना 20-30 मिनट वॉक करें।
योग और स्ट्रेचिंग को दिनचर्या में शामिल करें।
लिफ्ट की जगह सीढ़ियों का इस्तेमाल करें।
लंबे समय तक बैठकर काम करने के बीच छोटे ब्रेक लें।
मेडिटेशन और डीप ब्रीदिंग अपनाएं:
तनाव और बेचैनी महसूस होने पर कुछ मिनट शांत बैठकर गहरी सांस लेने की कोशिश करें। मेडिटेशन और ब्रीदिंग एक्सरसाइज मन को शांत करने और एकाग्रता बढ़ाने में मदद कर सकती हैं। रोजाना 5-10 मिनट मेडिटेशन के लिए निकालें। धीरे-धीरे सांस लें और छोड़ें। इस दौरान अपना ध्यान सांसों पर केंद्रित रखें।
